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10 टिप्स जो आंखों के स्वास्थ्य को ( eye health tips) बनाए रखने में कारगर है

Eye Health Diagram

आँखों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना हमारे सामान्य स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम अक्सर अपने आँखों के स्वास्थ्य को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण विषय है जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए। आज हम इस ब्लॉग में आँखों के अंदरोनी दबाव के बारे में, और, आंखों के महत्वपूर्ण टिप्स के बारे में, और आंखों के स्वास्थ्य ( eye health tips) में सुधार कैसे करें ।

आँखों  के प्रेशर को कैसे मॉनिटर करें ?

नॉर्मल आई प्रेशर की जो रेंज है वह जो है 15 से 20 के बीच में है| वो एवरेज माना जाता है 20 से ऊपर अगर हमारा प्रेशर बढ़ रहा है तो आपको कहीं ना कहीं ग्लूकोमा के सिम्टम्स हो रहे हैं | अगर आपको ग्लूकोमा है तो आपको क्या चीजें नहीं करनी चाहिए एक तो आपको अपने  प्रेशर को जो आंख का प्रेशर है, उसे मॉनिटर करना चाहिए, हर महीने डॉक्टर के पास जाएं और अपने आंख के प्रेशर को नपवाय अगर व सकते हैं |प्रेशर बढ़ रहा है तो उसके लिए  हमें दवाइयां लेनी चाहिए और उस पर हमें काम करना चाहिए। 

आँखों के अंदरोनी दबाव को ‘आंत्र नेत्रीय दबाव’ कहा जाता है। यह दबाव आँख की अंदर की रक्तसंवेदनाओं में होता है। यदि यह दबाव बढ़ जाता है तो यह ग्लूकोमा का कारण बन सकता है। यह बीमारी आँख की दृष्टि को प्रभावित कर सकती है और कई मामलों में अगर इसे सही समय पर नियंत्रित  नहीं किया गया तो यह व्यक्ति को पूर्ण रूप से अँधा बना सकता है। 

अच्छे आँखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण टिप्स (eye health tips) और स्वास्थ्य को सुधारने के तरीके

1.नियमित आँखों की जाँच: साल में कम से कम एक बार आँखों की जाँच करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से आपको किसी भी समस्या का पता चलेगा और उसका समय रहते इलाज हो सकेगा।

2.स्वस्थ आहार: आपके आहार में पौष्टिक खाद्य पदार्थों का समावेश होना चाहिए, जैसे कि पालक , गाजर, आदि, जो आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं 

3.नियमित व्यायाम: नियमित व्यायाम करना भी आँखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

4.स्मोकिंग न या कम करें: धूम्रपान आँखों के स्वास्थ्य को बिगाड़ता है, इसलिए इसे बंद करें या कम से कम करें।

5.नियमित आँखों की व्यायाम: नियमित आँखों की व्यायाम करना आँखों के मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और आँखों के दबाव को कम करता है। प्रणायाम और योग: ध्यान, प्राणायाम और योग करना भी आँखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

6.आँखों का सही इस्तेमाल: लंबे समय तक आँखों को स्क्रीन या पेपर पर दिखाई देने से बचें। यदि आपको लंबे समय तक काम करना है तो नियमित ब्रेक लें और आँखों को आराम दें।

7. सिर नीचे करने की स्थिति से बचें : यदि आपको ग्लूकोमा है या आप इस बीमारी  से झूझ  रहीं हो तो लंबे समय तक अपना सिर अपने हृदय के नीचे न रखें। इसमें पीठ दर्द के लिए इनवर्जन टेबल या ग्रेविटी बूट से दूर रहना जरूरी है। सिर नीचे की स्थिति  में आपकी आंखों के दबाव को  हम काफी बढ़ा सकते है। गंभीर मोतियाबिंद से पीड़ित कुछ लोगों को कुछ योग मुद्राओं से बचने की आवश्यकता हो सकती है। अपने चिकित्सक से पूछें कि क्या आपको अपने व्यायाम की दिनचर्या  के दौरान सिर नीचे की स्थिति से बचने की आवश्यकता है।

8.अच्छी नींद: अच्छी नींद आँखों के लिए भी महत्वपूर्ण है। अपने रात्रि की नींद का पूरा लें।  7. सही पोजीशन    में सोएं:  यदि आपको ग्लूकोमा है, तो तकिये पर या बांह पर आंख रखकर सोने से बचें। जिन लोगों को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) है, उन्हें ग्लूकोमा का खतरा होता है, या उन्हें अधिक गंभीर बीमारी हो सकती है। यदि आप भारी खर्राटे लेते हैं या रात भर सांस लेना बंद कर देते हैं, तो ओएसए की जांच कराएं।

9. अपनी आंखों को धूप से बचाएं : इस बात के कुछ प्रमाण हैं कि सूर्य की यूवी किरणें एक प्रकार का ग्लूकोमा पैदा कर सकती हैं। बाहर घूमने जाते समय गुणवत्तापूर्ण ध्रुवीकृत धूप का चश्मा और एक टोपी पहनें।

10.अपना मुंह साफ रखें : कुछ सबूत बताते हैं कि मसूड़ों की बीमारी ग्लूकोमा में ऑप्टिक तंत्रिका क्षति से जुड़ी हो सकती है। अपने दांतों को प्रतिदिन ब्रश और फ्लॉस करें और नियमित रूप से अपने दंत चिकित्सक से मिलें।

Diagnosis ( डायग्नोसिस)

आपका डॉक्टर आपके मेडिकल इतिहास ( Medical History) की परिक्षण करेगा |आपका डॉक्टर प्रदाता कई सारे परीक्षण कर सकता है, जिनमें शामिल हैं:

  1. विस्तारित नेत्र परीक्षण और इमेजिंग परीक्षणों के साथ ऑप्टिक तंत्रिका क्षति का परीक्षण |
  2. दृष्टि हानि के क्षेत्रों की जाँच करना, जिसे दृश्य क्षेत्र परीक्षण के रूप में भी जाना जाता है |
  3. इंट्राओकुलर  दबाव ( इंट्रोक्युलर प्रेशर) को मापना, जिसे टोनोमेट्री भी कहा जाता है |
  4. पचीमेट्री ( Pachymetry) नामक परीक्षण से कॉर्निया की मोटाई मापना |
  5.  जल निकासी कोण ( drainage angle) का निरीक्षण करना, जिसे गोनियोस्कोपी भी कहा जाता है

Conclusion :

इन टिप्स को अपनाकर आप अपने आँखों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं। अपने आँखों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। सबसे बड़ा कारण है कि आज की डेट में  हम अपनी लाइफ स्टाइल  और स्क्रीन टाइम की वजह से हमारी आंखों में ड्राइनेस होती है, स्ट्रेस होता है तो ग्लूकोमा भी एक उसका रीजन हो सकता है। इसके आलावा  हमारा जो खानपान है वह कैसा है उस परे डिपेंड करता है आपकी डायबिटीज, और उसके लिए आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है। यह सब चीजें अगर हम कंट्रोल में रखेंगे तो हम इस बीमारी से बच सकते हैं और साथ ही अपने आँखों को स्वस्थ रख सकते हैं।

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